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गंगा आरती वाराणसी (बनारस) की आत्मा को दर्शाने वाली एक पवित्र परंपरा है, जो हर शाम दशाश्वमेध घाट पर सूर्यास्त के समय आयोजित की जाती है। जब पुजारी पारंपरिक वेशभूषा में बड़े-बड़े दीपकों के साथ मां गंगा को अर्पित करते हैं, तो पूरा माहौल घंटियों की ध्वनि, वैदिक मंत्रों और धूप की सुगंध से पवित्र हो जाता है।
गंगा आरती का यह अद्भुत दृश्य न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि देश-विदेश से आए पर्यटकों को भी भारतीय संस्कृति और परंपरा से जोड़ता है।
दशाश्वमेध घाट बनारस का सबसे लोकप्रिय और प्राचीन घाट है, जहां हर शाम गंगा आरती का भव्य आयोजन किया जाता है। गंगा आरती देखने के लिए हजारों श्रद्धालु और पर्यटक यहां इकट्ठा होते हैं और इस दिव्य अनुष्ठान का आनंद लेते हैं।
स्थान: दशाश्वमेध घाट, वाराणसी
समय:
गर्मी में: शाम 6:30 बजे – 7:30 बजे
सर्दी में: शाम 6:00 बजे – 7:00 बज
टिप: अच्छी जगह पाने के लिए आरती शुरू होने से 45 मिनट पहले पहुंचें।
मंत्रों का मधुर उच्चारण: वैदिक मंत्रों की गूंज से पूरे वातावरण में पवित्रता और शांति फैल जाती है।
दीप अर्पण: बड़े दीपकों से मां गंगा को अग्नि अर्पित की जाती है, जो श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है।
दीप प्रवाहित करना: श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं को लेकर छोटे-छोटे दीप गंगा में प्रवाहित करते हैं, जो गंगा जल में झिलमिलाते हुए मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करते हैं।
सांस्कृतिक सौंदर्य: दीपों की रोशनी, मंत्रों की गूंज और भक्तों की भीड़ का अद्भुत संगम इसे अविस्मरणीय बनाता है।
गंगा आरती का सबसे बेहतरीन अनुभव नाव से आरती देखने में आता है। नाव पर बैठकर आप पूरे घाट और आरती का विहंगम दृश्य देख सकते हैं। दीपों की रोशनी का प्रतिबिंब गंगा की लहरों पर झिलमिलाता है, जिससे यह नजारा और भी अद्भुत हो जाता है।
टिप: नाव की बुकिंग पहले से करा लें, ताकि आरती का आनंद सही समय पर लिया जा सके।
🌸 आध्यात्मिक शांति: गंगा आरती देखने से मन को गहरी शांति और आत्मिक ऊर्जा मिलती है।
🌸 संस्कृति और परंपरा से जुड़ाव: भारतीय संस्कृति और बनारस की परंपरा को करीब से समझने का मौका मिलता है।
🌸 दिव्य अनुभव: मंत्रों की गूंज और दीपों की रोशनी का नजारा आत्मा को पवित्र कर देता है।
🌸 मनोकामना पूर्ति: मान्यता है कि गंगा में दीप प्रवाहित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
➡️ समय से पहले पहुंचें: आरती शुरू होने से 45 मिनट पहले घाट पर पहुंचना बेहतर होगा ताकि आपको सही स्थान मिल सके।
➡️ नाव यात्रा का आनंद लें: आरती का दिव्य अनुभव पानी से देखने के लिए नाव यात्रा जरूर करें।
➡️ फोटोग्राफी का सही समय: दीप प्रवाहित होने और आरती शुरू होने का दृश्य यादगार होता है, इसे कैमरे में जरूर कैद करें।
गंगा आरती बनारस की आत्मा का एक हिस्सा है, जो हर श्रद्धालु और पर्यटक को अद्भुत आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करती है।